आध्यात्मिक जगत में अपनी दिव्य ऊर्जा, गहन ज्ञान और जनसेवा के लिए प्रसिद्ध डॉ. माधव अनुरागी को 21 अप्रैल 2026 को मुंबई में आयोजित भव्य समारोह में JPT प्रोडक्शंस द्वारा “प्राइड ऑफ एक्सीलेंस अवॉर्ड 2026 – सीजन 4” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके उस असाधारण योगदान की पहचान है, जिसने हजारों लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया है। अपने स्पर्श मात्र से जीवन को संवार देने की क्षमता के कारण उन्हें “मिडास टच वाले संत” के रूप में भी जाना जाता है।
उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के सरूरपुर कला गांव में जन्मे डॉ. माधव अनुरागी बचपन से ही आध्यात्मिक वातावरण में पले-बढ़े। धर्म, साधना और वेदों के प्रति उनकी स्वाभाविक रुचि ने उन्हें एक अलग पहचान दी। अपने गुरुओं के सान्निध्य में उन्होंने तंत्र, ज्योतिष और वैदिक ज्ञान की गहन साधना की और आज वे लाखों लोगों के लिए मार्गदर्शक बन चुके हैं।
हाल के समय में हर कामेश्वर धाम दरबार के माध्यम से उनकी लोकप्रियता अभूतपूर्व रूप से बढ़ी है। बुलंदशहर के जारगवा गांव (नरोरा रामघाट रोड) और वृंदावन पानी घाट पर आयोजित इस दिव्य दरबार में रोज़ाना श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। सुबह से ही भक्त लंबी कतारों में खड़े होकर उनके दर्शन और आशीर्वाद की प्रतीक्षा करते हैं। जैसे ही दरबार आरंभ होता है, वातावरण में एक अद्भुत शांति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हो जाता है।
भक्तों के अनुभव इस दरबार की दिव्यता को और भी सशक्त बनाते हैं। कई लोग बताते हैं कि यहां आने के बाद उनके मन का बोझ हल्का हो जाता है और जीवन में नई ऊर्जा का संचार होता है। डॉ. अनुरागी के सरल लेकिन प्रभावशाली शब्द जीवन की जटिल समस्याओं का सहज समाधान प्रस्तुत करते हैं। वे अंधविश्वास से दूर रहने और आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच, अनुशासन, धैर्य और आपसी सद्भाव को जीवन का आधार बनाने पर बल देते हैं। उनका स्पष्ट संदेश है— “सच्चा धर्म मानवता है।”
उनकी लोकप्रियता का सबसे बड़ा कारण उनकी सादगी और सेवा भाव है। वे न केवल आध्यात्मिक मार्गदर्शन देते हैं, बल्कि समाज सेवा में भी सक्रिय भूमिका निभाते हैं। निर्धन कन्याओं के विवाह में सहयोग, संतों की सेवा और सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार में उनका योगदान अत्यंत सराहनीय है। वे सदैव समाज के उत्थान को सर्वोपरि रखते हैं।
डिजिटल युग में भी उन्होंने अपनी प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। उनके यूट्यूब चैनल “राम श्री कुंडली दर्पण” के साथ-साथ इंस्टाग्राम और फेसबुक पर भी लाखों लोग उनके विचारों से जुड़ रहे हैं। उनकी शिक्षाएं अब देश-विदेश तक पहुंच रही हैं।
मुंबई में मिला यह प्रतिष्ठित सम्मान उनके बढ़ते प्रभाव और समर्पण का प्रतीक है। साथ ही, हर कामेश्वर धाम दरबार को उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों तक विस्तार देने की योजना भी तेजी से आगे बढ़ रही है।
निस्संदेह, डॉ. माधव अनुरागी का जीवन इस बात का प्रमाण है कि जब साधना, सेवा और सत्य का संगम होता है, तो व्यक्ति समाज के लिए प्रेरणा बन जाता है। अपने दिव्य स्पर्श से जीवन को स्वर्णिम बना देने वाले डॉ. अनुरागी वास्तव में “मिडास टच” के सच्चे धनी हैं।


डॉ. माधव अनुरागी – “मिडास टच” वाले आध्यात्मिक गुरु जी को मिला प्राइड ऑफ एक्सीलेंस अवॉर्ड 2026

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